Cows in Sikhism

Cows in Sikhism



Importance of cows in Sikhism.
 



उग्रदन्ती

यही दे हु आज्ञा तुरकन गहि खपाऊं !गऊ घात का दोख जगसों मिटाऊं।~~ हे मां भवानी, मुझे आशीर्वाद और आदेश दे कि धर्म विरोधी अत्याचारी तुर्कों को चुन-चुनकर समाप्त कर दूं और इस जगत से गौहत्या का कलंक मिटा दूं।~ गुरु गोविन्द सिंह जी
  • सकल जगत मो खालसा पंथ गाजै,जगै धरम हिन्दुक तुरक दुंद भाजै।~~ सारे जगत में खालसा पंथ की गूंज हो, हिन्दू धर्म का उत्थान हो तथा तुर्कों द्वारा पैदा की गयी विपत्तियां समाप्त हों।
  • ਨਾਮਾ ਪ੍ਰਣਵੈ ਸੇਲ ਮਸੇਲ ॥नामा प्रणवै सेल मसेल ॥ ~~~ Nāmā paraṇvai sėl masėl. Naam Dayv prayed, and milked the cow. Page 1166, Line 6
  • ਹਮ ਗੋਰੂ ਤੁਮ ਗੁਆਰ ਗੁਸਾਈ ਜਨਮ ਜਨਮ ਰਖਵਾਰੇ ॥हम गोरू तुम गुआर गुसाई जनम जनम रखवारे ॥ Ham gorū ṯum gu*ār gusā*ī janam janam rakẖvārė. ~~~ I am a cow, and You are the herdsman, the Sustainer of the World. You are my Saving Grace, lifetime after lifetime. Devotee Kabir -Page 482, Line 13
  • ਕਾਮਧੇਨ ਹਰਿ ਹਰਿ ਗੁਣ ਗਾਮ ॥कामधेन हरि हरि गुण गाम ॥Kāmḏẖėn har har guṇ gām.The Khaamadhayn, the cow of miraculous powers, is the singing of the Glory of the Lord's Name, Har, Har. --Guru Arjan Dev, Page 265, Line 5
  • मांस की प्राप्ति तभी संभव है जब दूसरे जीवों का वध किया जाये, लेकिन जीव हिंसा करने से स्वर्ग नहीं मिलता इसलिए सुख तथा स्वर्ग को पाने की कामना रखने वाले द्विज को मांस भक्षण त्याग देना चाहिए ।199।
  • मांस की उत्पत्ति और जीवों के बंधन तथा वध को समझकर सभी प्रकार के मांस भक्षण को त्याग देना चाहिए ।200।
  • वे सभी जीव वध के लिए समान रूप से दोषी हैं जो जीव वध की अनुमति देते हैं, जीव के अंगों को काट कर अलग अलग करते हैं, उसका वध करते हैं, उसको बेचते हैं, उसको खरीदते हैं, उसको पकाते हैं, उसको परोसते हैं, और उसको खाते हैं ।201।
  • मुनियों के बीच रहते हुए उनकी तरह से सात्विक कंद मूल तथा फल का भोजन करने से वह पुण्य फलप्राप्त नहीं होता, जो केवल मांसाहार के त्याग से मिलता है ।202।
  • विद्वानों के अनुसार मांस शब्द मां, तथा स, शब्दों के योग से बना है इसका अर्थ होता है- जिसे मैं इस संसार में खाता हूँ, वही मुझे परलोक में खाये ।203।
  • "Don't give your animals in the hands of butchers." - SatPurush Baba Fulsande Wale
  • Guru Govind Singh, the 10th Guru, told Pandit Prithwiraj that Khalsa sect was established to care for the economy, right behaviour, cows, Brahmins, and protection of the down-trodden.
    Guru Govind Singh’s first Guru was against killing of any animal – not only cows.
    In 1871, under the leadership of Guru Rama Singh, 3,15,000 Sikhs participated in an agitation against the British to get the slaughter houses closed.
 

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